$AB$ रक्त समूह वाले व्यक्ति को सर्वग्राही (universal recipient) कहा जाता है क्योंकि .....

  • A
    $RBC$ पर $A$ और $B$ दोनों एंटीजन मौजूद होते हैं लेकिन प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती है।
  • B
    प्लाज्मा में केवल $A$ और $B$ एंटीबॉडी मौजूद होते हैं।
  • C
    $RBC$ पर एंटीजन और प्लाज्मा में एंटीबॉडी का अभाव होता है।
  • D
    प्लाज्मा में $A$ और $B$ एंटीजन मौजूद होते हैं लेकिन एंटीबॉडी का अभाव होता है।

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Similar Questions

$A$: रक्त समूह फेनोटाइप $RBC$ की सतह पर मौजूद एंटीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति द्वारा नियंत्रित होता है।
$R$: ये एंटीजन तीन प्रकार के होते हैं और ग्लाइकोफोरिन के ओलिगोसेकेराइड-समृद्ध शीर्ष क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

वयस्क मानव $RBC$ केंद्रकविहीन होते हैं। इसके लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे उपयुक्त स्पष्टीकरण है?
$(i)$ उन्हें प्रजनन करने की आवश्यकता नहीं होती है।
$(ii)$ वे कायिक कोशिकाएं (somatic cells) हैं।
$(iii)$ वे चयापचय नहीं करते हैं।
$(iv)$ उनका आंतरिक स्थान $O_2$ के परिवहन के लिए उपलब्ध होता है।

रक्त का थक्का जमने (clotting) में शामिल है

कशेरुकी रक्त के लाल वर्णक में उपस्थित खनिज है:

ग्लोब्युलिन $.......$ हैं।

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