$[Fe(CN)_{6}]^{4-}$ और $[Fe(H_{2}O)_{6}]^{2+}$ तनु विलयनों में अलग-अलग रंगों के होते हैं। क्यों?

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(N/A) किसी समन्वय यौगिक का रंग क्रिस्टल-क्षेत्र विपाटन ऊर्जा,$\Delta$ के परिमाण पर निर्भर करता है।
यह $CFSE$ केंद्रीय धातु आयन से जुड़े लिगेंड की प्रकृति पर निर्भर करता है।
$[Fe(CN)_{6}]^{4-}$ में,$CN^{-}$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $d$-कक्षकों का बड़ा विपाटन करता है।
$[Fe(H_{2}O)_{6}]^{2+}$ में,$H_{2}O$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,जो $d$-कक्षकों का छोटा विपाटन करता है।
चूंकि दोनों संकुलों के लिए ऊर्जा अंतराल $\Delta$ अलग है,इसलिए $d-d$ संक्रमण के दौरान अवशोषित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अलग होती है।
परिणामस्वरूप,प्रेषित प्रकाश (पूरक रंग) भी अलग होता है,जिससे अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं।

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अष्टफलकीय और चतुष्फलकीय संक्रमण धातु संकुलों में $d_{xy}$ और $d_{z^2}$-कक्षकों की ऊर्जा इस प्रकार है कि

सूची-$I$ का मिलान सूची-$II$ से करें। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
| सूची-$I$ (संकुल आयन) | सूची-$II$ (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास) |
| :--- | :--- |
| $A. [Cr(H_2O)_6]^{3+}$ | $I. t_{2g}^2 e_g^0$ |
| $B. [Fe(H_2O)_6]^{3+}$ | $II. t_{2g}^3 e_g^0$ |
| $C. [Ni(H_2O)_6]^{2+}$ | $III. t_{2g}^3 e_g^2$ |
| $D. [V(H_2O)_6]^{3+}$ | $IV. t_{2g}^6 e_g^2$ |

उच्च चक्रण (high spin) और निम्न चक्रण (low spin) $d^6$ धातु संकुलों की क्रिस्टल क्षेत्र स्थिरीकरण ऊर्जा $(CFSE)$,$\Delta_o$ के पदों में क्रमशः क्या है?

निम्नलिखित संकुलों के लिए दृश्य क्षेत्र में अवशोषण की तरंगदैर्ध्य का सही क्रम लिखिए:

$d^4$ विन्यास वाले अष्टफलकीय (octahedral) संकुल में धातु परमाणु/आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्या होगा,यदि $\Delta_0 < P$ (युग्मन ऊर्जा) है?

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