ऐरिल हैलाइड (हेलोएरीन) यौगिक नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के प्रति कम अभिक्रियाशील क्यों होते हैं?

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) ऐरिल हैलाइडों की नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के प्रति कम अभिक्रियाशीलता के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
$(a)$ अनुनाद प्रभाव: हेलोएरीन में हैलोजन परमाणु के एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म वलय के $\pi$-इलेक्ट्रॉनों के साथ संयुग्मन में होते हैं। अनुनाद के कारण, $C-X$ बंध आंशिक द्वि-बंध लक्षण प्राप्त कर लेता है। इस कारण, हेलोएरीन में $C-X$ बंध का विखंडन हेलोएल्केन की तुलना में कठिन हो जाता है।
$(b)$ $C-X$ बंध में कार्बन परमाणु के संकरण में अंतर: हेलोएल्केन में हैलोजन से जुड़ा कार्बन $sp^3$ संकरित होता है, जबकि हेलोएरीन में यह $sp^2$ संकरित होता है। $sp^2$ संकरित कार्बन में $s$-लक्षण $(33\%)$ अधिक होने के कारण यह अधिक विद्युत ऋणात्मक होता है। परिणामस्वरूप, यह $C-X$ बंध के इलेक्ट्रॉन युग्म को अधिक मजबूती से पकड़े रखता है, जिससे बंध छोटा और मजबूत $(169 \text{ pm})$ हो जाता है, जिसे तोड़ना कठिन होता है।

Explore More

Similar Questions

निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया को वुर्ट्ज़-फिटिंग (Wurtz-Fittig) अभिक्रिया कहा जाता है?

बेंजीन रिंग पर क्लोरीन परमाणु की उपस्थिति दूसरे प्रतिस्थापी को किस स्थान पर प्रवेश कराती है?

दी गई अभिक्रिया का उत्पाद $(A)$ क्या है?

एरिल हैलाइड,न्यूक्लियोफिलिक प्रतिस्थापन के प्रति एल्किल हैलाइड की तुलना में कम प्रतिक्रियाशील होते हैं क्योंकि

क्लोरोबेंजीन में $C-Cl$ आबंध,मिथाइल क्लोराइड में $C-Cl$ आबंध की तुलना में कैसा होता है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo