$250 \ mL$ $0.5 \ M \ NaOH$ को $500 \ mL$ $1 \ M \ HCl$ में मिलाया गया। पूर्ण अभिक्रिया के बाद विलयन में अनभिकृत $HCl$ अणुओं की संख्या $...... \times 10^{21}$ है। (निकटतम पूर्णांक) $(N_{A} = 6.022 \times 10^{23})$

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निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार $0.10 \ mol$ $Ca_5(PO_4)_3F$,$0.36 \ mol$ $SiO_2$,और $0.90 \ mol$ $C$ की अभिक्रिया से $P_4$ के कितने मोल उत्पन्न किए जा सकते हैं?
$4Ca_5(PO_4)_3F + 18SiO_2 + 30C \to 3P_4 + 2CaF_2 + 18CaSiO_3 + 30CO$

Difficult
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अभिकथन : अभिक्रिया में बनने वाले उत्पादों की मात्रा सीमांत अभिकर्मक (limiting reagent) पर निर्भर करती है।
कारण : सीमांत अभिकर्मक अभिक्रिया में पूरी तरह से उपभोग हो जाता है,इसलिए यह उत्पाद की मात्रा को सीमित करता है।

डाइनाइट्रोजन और डाइहाइड्रोजन एक-दूसरे के साथ अभिक्रिया करके निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अमोनिया उत्पन्न करते हैं:
$N_{2(g)} + 3H_{2(g)} \rightarrow 2NH_{3(g)}$
$(i)$ यदि $2.00 \times 10^{3} \, g$ डाइनाइट्रोजन $1.00 \times 10^{3} \, g$ डाइहाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करता है,तो उत्पन्न अमोनिया का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
$(ii)$ क्या दोनों अभिकारकों में से कोई बिना अभिक्रिया किए शेष रहेगा?
$(iii)$ यदि हाँ,तो कौन सा और उसका द्रव्यमान कितना होगा?

रासायनिक अभिक्रिया: $A + B \rightarrow AB$ के लिए,यदि $B$ सीमांत अभिकर्मक (limiting reagent) के रूप में कार्य कर रहा है,तो सही विकल्प चुनें।

$1 \text{ mole}$ $Cl_{2(g)}$ को $2 \text{ L}$ ठंडे $2 \text{ M}$ $KOH$ विलयन में प्रवाहित किया गया। अभिक्रिया के बाद, $Cl^{-}$, $ClO^{-}$ और $OH^{-}$ की सांद्रताएँ क्रमशः क्या होंगी? (मान लें कि आयतन स्थिर रहता है):

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