एक डोरी $AB$ जिसकी बिना खिंची लंबाई $L$ है, को मध्य-बिंदु $C$ पर बल $F$ लगाकर इस प्रकार खींचा जाता है कि खंड $AC$ और $BC$, $AB$ के साथ $\theta$ कोण बनाते हैं, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। डोरी को एक ऐसे प्रत्यास्थ तत्व के रूप में माना जा सकता है जिसका बल और विस्तार का अनुपात $K$ है। बल $F$ का मान क्या होगा?

  • A
    $K L(1-\tan \theta) \sin \theta$
  • B
    $2 K L(1-\cos \theta) \tan \theta$
  • C
    $K L(1-\cos \theta) \tan \theta$
  • D
    $2 K L(1-\sin \theta) \tan \theta$

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$8 \,mm$ त्रिज्या और $100 \,cm$ लंबाई वाले तार का एक सिरा स्थिर है और दूसरा सिरा $45^{\circ}$ के कोण से घुमाया जाता है। अपरूपण कोण (angle of shear) है ($^{\circ}$ में)

$1 \, kg$ और $2 \, kg$ द्रव्यमान के दो ब्लॉक चित्र में दिखाए अनुसार एक चिकनी घिरनी (pulley) से गुजरने वाले धातु के तार से जुड़े हैं। धातु का ब्रेकिंग स्ट्रेस $2 \times 10^9 \, N/m^2$ है। यदि तार को टूटना नहीं है, तो उसकी न्यूनतम त्रिज्या क्या होनी चाहिए? $g = 10 \, m/s^2$ लें।

यदि एक तार की लंबाई को आधा कर दिया जाए,तो वह ......... भार सहन कर सकता है।

दो जांघ की हड्डियाँ (femurs),जिनमें से प्रत्येक का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $10 \; cm^{2}$ है,$40 \; kg$ द्रव्यमान वाले मानव शरीर के ऊपरी हिस्से को सहारा देती हैं। जांघ की हड्डियों द्वारा अनुभव किए गए औसत दबाव का अनुमान लगाइए।

निम्नलिखित का मिलान करें:
Column $I$Column $II$
$A$. हुक का नियम$1$. स्पर्शरेखीय विकृति (Tangential strain)
$B$. अपरूपण विकृति (Shearing strain)$2$. प्रत्यास्थ गुण का अस्थायी नुकसान
$C$. आयतन विकृति (Bulk strain)$3$. प्रत्यास्थ सीमा
$D$. प्रत्यास्थ थकान (Elastic fatigue)$4$. रैखिक विकृति का $3$ गुना

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