$m$ द्रव्यमान का एक उपग्रह $R$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी के चारों ओर घूम रहा है। यदि उपग्रह का कोणीय संवेग $J$ है, तो इसकी गतिज ऊर्जा $(K)$ और कुल ऊर्जा $(E)$ क्या होगी?

  • A
    $K=\frac{J^2}{m R^2}, E=-\frac{J^2}{2 m R^2}$
  • B
    $K=\frac{J^2}{2 m R^2}, E=-\frac{J^2}{2 m R^2}$
  • C
    $K=\frac{J^2}{2 m R^2}, E=-\frac{J^2}{m R^2}$
  • D
    $K=\frac{J^2}{2 m R^2}, E=\frac{J^2}{m R^2}$

Explore More

Similar Questions

$M$ द्रव्यमान वाले ग्रह के चारों ओर घूम रहे $m$ द्रव्यमान के उपग्रह को $R_1$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा से $R_2$ $(R_2 > R_1)$ त्रिज्या की दूसरी कक्षा में स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक अतिरिक्त गतिज ऊर्जा क्या है?

दो समान उपग्रह $A$ और $B$ पृथ्वी के चारों ओर क्रमशः $R$ और $2R$ की ऊँचाई पर परिक्रमा कर रहे हैं,जहाँ $R$ पृथ्वी की त्रिज्या है। $A$ की गतिज ऊर्जा और $B$ की गतिज ऊर्जा का अनुपात क्या है?

$h$ ऊँचाई पर परिक्रमा कर रहे उपग्रह की बंधन ऊर्जा $3.5 \times 10^{8} \,J$ है। इसकी स्थितिज ऊर्जा क्या है?

प्रारंभ में $100 \ kg$ का एक उपग्रह $1.5 R_E$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में है। इस उपग्रह को $\alpha \times 10^6 \ J$ ऊर्जा देकर $3 R_E$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में ले जाया जा सकता है। $\alpha$ का मान . . . . . . है।
(पृथ्वी की त्रिज्या $R_E = 6 \times 10^6 \ m$ और $g = 10 \ m/s^2$ लें)

$m$ द्रव्यमान का एक उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर $r$ त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में घूम रहा है और इसकी गतिज ऊर्जा $E$ है। तो इसका कोणीय संवेग क्या होगा?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo