एक कार्बोनिल यौगिक $P$,जो धनात्मक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है,$MeMgBr$ के साथ अभिक्रिया करके और उसके बाद निर्जलीकरण द्वारा एक ओलेफिन $Q$ देता है। $Q$ का ओजोनोलिसिस एक डाइकार्बोनिल यौगिक $R$ देता है,जो अंतःआण्विक एल्डोल अभिक्रिया द्वारा मुख्य रूप से $S$ देता है।
$P$ $\xrightarrow[\substack{2. H^{+}, H_2 O \\ 3. H_2 SO_4, \Delta}]{1. MeMgBr} Q$ $\xrightarrow[2. Zn, H_2 O]{1. O_3} R$ $\xrightarrow[2. \Delta]{1. OH^{-}} S$
$1.$ कार्बोनिल यौगिक $P$ की संरचना क्या है?
$2.$ उत्पादों $Q$ और $R$ की संरचनाएं क्रमशः क्या हैं?
$3.$ उत्पाद $S$ की संरचना क्या है?
प्रश्न $1, 2$ और $3$ के उत्तर दें।

  • A
    $(A, B, C)$
  • B
    $(B, A, B)$
  • C
    $(D, A, C)$
  • D
    $(B, C, A)$

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$C_6H_5COOH \xrightarrow{X} C_6H_5CHO$
$C_6H_5CHO \xrightarrow[OH^-, 293 \ K]{C_6H_5COOH} Y \text{ (मुख्य उत्पाद)}$

कथन : बेंज़ल्डिहाइड,न्यूक्लियोफिलिक आक्रमण के प्रति इथेनॉल की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील है।
कारण : फेनिल समूह का $-I$ और $+R$ प्रभाव बेंज़ल्डिहाइड में $>C=O$ समूह के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को कम करता है।

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जब एल्डिहाइड या कीटोन को $C_6H_5-NH-NH_2$ (फेनिलहाइड्राज़ीन) के साथ उपचारित किया जाता है,तो बनने वाला उत्पाद है:

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