एक धात्विक वलय (metallic ring) को उसके तल को एक स्थिर और क्षैतिज चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत रखते हुए नीचे गिराया जाता है। वलय $t = 0$ पर चुंबकीय क्षेत्र के क्षेत्र में प्रवेश करती है और $t = T \, \text{sec}$ पर पूरी तरह से बाहर निकल जाती है। वलय में धारा किस प्रकार परिवर्तित होती है?

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$A_0$ क्षेत्रफल वाली एक कुंडली को एक चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है,जो $t$ समयांतराल में $B_0$ से बदलकर $4B_0$ हो जाता है। कुंडली में प्रेरित $e.m.f.$ क्या होगा?

एक कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स समय के साथ $\Phi = 4t^2 + 3t + 7$ के रूप में बदलता है। $t = 2 \ s$ पर प्रेरित e.m.f. का परिमाण है: ($V$ में)

एक चुंबक के उत्तरी ध्रुव को एक धात्विक वलय (metallic ring) के पास लाया जाता है। वलय में प्रेरित धारा की दिशा होगी

चित्र में दिखाए गए प्रयोग पर विचार करें।
$(a)$ गैल्वेनोमीटर में बड़ा विक्षेप प्राप्त करने के लिए आप क्या करेंगे?
$(b)$ गैल्वेनोमीटर की अनुपस्थिति में आप प्रेरित धारा की उपस्थिति को कैसे प्रदर्शित करेंगे?

किसी क्षण $t$ पर एक कुंडली से जुड़ा फ्लक्स $\phi = 10t^2 - 50t + 250$ द्वारा दिया गया है। $t = 3 \ s$ पर प्रेरित $emf$ ....... $V$ है।

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