$n-$प्रोपाइल क्लोराइड की तुलना में एलिल क्लोराइड का जल-अपघटन (hydrolysis) अधिक आसानी से होता है। क्यों?

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(N/A) एलिल क्लोराइड $(CH_2=CH-CH_2Cl)$ का जल-अपघटन $n-$प्रोपाइल क्लोराइड $(CH_3-CH_2-CH_2Cl)$ की तुलना में अधिक आसानी से होता है क्योंकि एलिल क्लोराइड से बनने वाला कार्बोनियम आयन,जो कि एलिल कार्बोनियम आयन $(CH_2=CH-CH_2^+)$ है,अनुनाद (resonance) द्वारा स्थिर होता है।
इसकी अनुनादी संरचनाएँ हैं:
$[CH_2=CH-CH_2^+ \leftrightarrow ^+CH_2-CH=CH_2]$
इसके विपरीत,$n-$प्रोपाइल क्लोराइड से बनने वाला कार्बोनियम आयन एक प्राथमिक कार्बोनियम आयन $(CH_3-CH_2-CH_2^+)$ है,जिसमें ऐसी कोई अनुनादी स्थिरता नहीं होती है,जिससे यह कम स्थिर होता है और इसलिए जल-अपघटन के प्रति कम प्रतिक्रियाशील होता है।

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