एक परमाणु $500\,nm$ तरंगदैर्ध्य का एक फोटॉन अवशोषित करता है और $600\,nm$ तरंगदैर्ध्य का दूसरा फोटॉन उत्सर्जित करता है। इस प्रक्रिया में परमाणु द्वारा अवशोषित शुद्ध ऊर्जा $n \times 10^{-4}\,eV$ है। $n$ का मान ............ है। [मान लें कि अवशोषण और उत्सर्जन प्रक्रिया के दौरान परमाणु स्थिर है] ($h = 6.6 \times 10^{-34}\,Js$ और $c = 3 \times 10^8\,m/s$ लें)

  • A
    $4124$
  • B
    $4125$
  • C
    $4123$
  • D
    $4122$

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कथन: एक फोटॉन की ऊर्जा $(E)$ और संवेग $(p)$ का संबंध $p = E/c$ द्वारा दिया जाता है।
कारण: फोटॉन एक कण की तरह व्यवहार करता है।

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