सूर्य का प्रतिबिंब $30 \ cm$ फोकस दूरी वाले लेंस द्वारा एक फोटोइलेक्ट्रिक सेल की धातु की सतह पर बनाया जाता है और एक फोटोइलेक्ट्रिक धारा $I$ उत्पन्न होती है। प्रतिबिंब बनाने वाले लेंस को समान व्यास लेकिन $15 \ cm$ फोकस दूरी वाले दूसरे लेंस से बदल दिया जाता है। इस स्थिति में फोटोइलेक्ट्रिक धारा क्या होगी?

  • A
    $I/2$
  • B
    $I$
  • C
    $2I$
  • D
    $4I$

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प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) के लिए निम्नलिखित में से कौन से कथन सत्य हैं?
$I$ प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर नहीं करती है।
$II$ अत्यधिक तीव्र प्रकाश के लिए प्रकाश-विद्युत प्रभाव हमेशा होगा।
$III$ प्रकाश-इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर नहीं करती है।
$IV$ अधिक आवृत्ति के लिए बाहर निकलने वाले इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा अधिक होती है।

दो समान धातु की प्लेटें प्रकाश-विद्युत प्रभाव दर्शाती हैं। प्लेट $A$ पर ${\lambda _A}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश और प्लेट $B$ पर ${\lambda _B}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश आपतित होता है,जहाँ ${\lambda _A} = 2{\lambda _B}$ है। अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी?

Difficult
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जब एक धात्विक सतह को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो फोटोइलेक्ट्रिक धारा के लिए स्टॉपिंग विभव $3 \text{ V}$ होता है। जब उसी सतह को $2 \lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो स्टॉपिंग विभव $1 \text{ V}$ होता है। इस सतह के लिए देहली (threshold) तरंगदैर्ध्य है:

$400 \ nm$ तरंगदैर्ध्य वाली एकवर्णी तरंगों का विकिरण $Zn$,$Fe$ और $Ni$ धातुओं की सतहों पर आपतित होता है,जिनके कार्य फलन (work functions) क्रमशः $3.4 \ eV$,$4.8 \ eV$ और $5.9 \ eV$ हैं। ($hc = 1242 \ eV \ nm$ लें)
$(a)$ किसी भी धातु की सतह से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $(KE)$ $0.3 \ eV$ है।
$(b)$ $Ni$ की सतह से कोई फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं होते हैं।
$(c)$ यदि विकिरण स्रोत की आवृत्ति दोगुनी कर दी जाए,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की $KE$ भी दोगुनी हो जाती है।
$(d)$ यदि आपतित विकिरण की तरंगदैर्ध्य $200 \ nm$ से कम हो,तो तीनों धातुओं की सतहों से फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होंगे।
सही कथन हैं:

दो धातुओं $A$ और $B$ के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन की देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelengths) क्रमशः $400 \ nm$ और $800 \ nm$ हैं। उनके कार्य फलनों (work functions) का अनुपात,$\phi_{A} : \phi_{B}$ क्या है?

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