कथन : क्षार का तुल्यांकी भार $= \frac{\text{आण्विक भार}}{\text{अम्लता}}$
कारण : अम्लता क्षार के एक अणु में प्रतिस्थापनीय हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या है।

  • A
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
  • B
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
  • D
    यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Explore More

Similar Questions

प्राकृतिक रूप से बोरॉन के दो समस्थानिक पाए जाते हैं,जिनके परमाणु द्रव्यमान $10.01 \ (I)$ और $11.01 \ (II)$ हैं। प्राकृतिक बोरॉन का औसत परमाणु द्रव्यमान $10.81$ है। तो $(I)$ और $(II)$ समस्थानिकों की प्रतिशत प्रचुरता क्रमशः ज्ञात कीजिए।

यौगिक $C_6H_{12}O_6$ के एक अणु का द्रव्यमान ......... होगा।

प्रकृति में कार्बन $C^{12}$ और $C^{13}$ के मिश्रण के रूप में पाया जाता है। कार्बन का औसत परमाणु द्रव्यमान $12.011$ है। तो प्रकृति में $C^{12}$ की प्रतिशत प्रचुरता कितनी है?

$150 \ mL$,$N = 1/7$ विलयन में $H_2SO_4$ का भार ........ $g$ है।

सल्फर $S_2Cl_2$ और $SCl_2$ क्लोराइड बनाता है। $SCl_2$ में सल्फर का तुल्यांकी द्रव्यमान $...$ $g/mol$ है।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo