कथन : यदि किसी परिनालिका (solenoid) में धारा की दिशा को परिमाण समान रखते हुए उलट दिया जाए,तो परिनालिका में संचित चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।
कारण : चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा घनत्व चुंबकीय क्षेत्र के समानुपाती होता है।

  • A
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
  • B
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं,लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
  • D
    यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

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