कार्बोक्सिलिक अम्ल यौगिक ब्रोंस्टेड अम्ल हैं। इसे विभिन्न अभिक्रियाओं द्वारा सिद्ध कीजिए।

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(N/A) कार्बोक्सिलिक अम्ल ब्रोंस्टेड अम्ल के रूप में कार्य करते हैं क्योंकि वे प्रोटॉन $(H^+)$ दान कर सकते हैं। उनकी अम्लीय प्रकृति निम्नलिखित अभिक्रियाओं द्वारा सिद्ध होती है:
$(i)$ धातुओं के साथ अभिक्रिया: कार्बोक्सिलिक अम्ल $Na$ और $K$ जैसी विद्युत-धनात्मक धातुओं के साथ अभिक्रिया करके डाइहाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं,जो प्रोटॉन दाता के रूप में कार्य करते हैं।
$2 RCOOH + 2 Na \longrightarrow 2 RCOO^- Na^+ + H_2 \uparrow$
$(ii)$ कार्बोनेट और बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया: कार्बोक्सिलिक अम्ल कार्बोनेट और हाइड्रोजन कार्बोनेट के जलीय घोल जैसे हल्के क्षार के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करते हैं।
$RCOOH + NaHCO_{3(aq)} \longrightarrow RCOO^- Na^+ + H_2O + CO_2 \uparrow$
$2 RCOOH + Na_2CO_3 \longrightarrow 2 RCOO^- Na^+ + H_2O + CO_2 \uparrow$

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