गलत कथन चुनिए: एक आदर्श परिनालिका (solenoid) में

  • A
    फेरे एक-दूसरे से दूर होते हैं।
  • B
    फेरे पास-पास लिपटे होते हैं।
  • C
    लंबाई उसकी त्रिज्या से बहुत अधिक होती है।
  • D
    अंदर का चुंबकीय क्षेत्र लगभग एकसमान होता है।

Explore More

Similar Questions

यदि एक लंबी खोखली तांबे की पाइप में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है,तो चुंबकीय क्षेत्र कहाँ उत्पन्न होता है?

$a$ त्रिज्या वाला एक लंबा,सीधा तार अपने अनुप्रस्थ काट पर समान रूप से वितरित धारा वहन करता है। तार की अक्ष से क्रमशः $\frac{a}{3}$ और $2a$ की दूरी पर तार के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्रों का अनुपात क्या है?

एक लंबे परिनालिका (solenoid) के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता $H$ क्या होगी,जिसमें प्रति इकाई लंबाई $n$ फेरे हैं और $I$ धारा प्रवाहित हो रही है,जब इसमें कोई पदार्थ नहीं रखा गया है?

एक बहुत लंबी परिनालिका (solenoid) में प्रति $cm$ लंबाई में $50$ फेरे हैं। इसमें $2.5 \ A$ की धारा प्रवाहित हो रही है। इसकी अक्ष पर इसके केंद्र में चुंबकीय क्षेत्र . . . . . . $T$ है।

एक लंबी धारावाही परिनालिका के केंद्र पर चुंबकीय तीव्रता $1.6 \times 10^3 \text{ A m}^{-1}$ पाई जाती है। यदि फेरों की संख्या $8 \text{ per cm}$ है,तो परिनालिका से प्रवाहित होने वाली धारा $................\, \text{A}$ है।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo