$s-s$,$s-p$ और $p-p$ अतिव्यापन (overlapping) द्वारा बनने वाले $\sigma$-आबंध को समझाइए।

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(N/A) परमाणु कक्षकों के अतिव्यापन से बनने वाले सहसंयोजक आबंध को दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
$1$. $\sigma$-आबंध: इस प्रकार का सहसंयोजक आबंध दो परमाणु कक्षकों के अंतर्नाभिकीय अक्ष (internuclear axis) के अनुदिश सिरे से सिरे (end-to-end) के अतिव्यापन द्वारा बनता है। इसे अक्षीय अतिव्यापन भी कहा जाता है।
$a$. $s-s$ अतिव्यापन: इसमें एक अक्ष पर स्थित दो अर्ध-पूरित $s$-कक्षकों का अतिव्यापन होता है।
$b$. $s-p$ अतिव्यापन: इसमें एक परमाणु के अर्ध-पूरित $s$-कक्षक और दूसरे परमाणु के अर्ध-पूरित $p$-कक्षक के बीच अतिव्यापन होता है।
$c$. $p-p$ अतिव्यापन: इसमें दो परमाणुओं के अर्ध-पूरित $p$-कक्षकों के सिरे से सिरे के अतिव्यापन को देखा जाता है।
$2$. $\pi$-आबंध: इस प्रकार के सहसंयोजक आबंध निर्माण में,अतिव्यापन करने वाले परमाणु कक्षकों के अक्ष एक-दूसरे के समानांतर रहते हैं और अंतर्नाभिकीय अक्ष के लंबवत होते हैं।

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