(N/A) $sp^3$ $(C-X)$ आबंध वाले मोनोहैलोजन यौगिकों को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
$(a)$ ऐल्किल हैलाइड: इनमें हैलोजन परमाणु एक ऐल्किल समूह से बंधा होता है। हैलोजन जिस कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है,उसकी प्रकृति के आधार पर इन्हें $1^{\circ}$ (प्राथमिक),$2^{\circ}$ (द्वितीयक) और $3^{\circ}$ (तृतीयक) में वर्गीकृत किया जाता है।
$(b)$ ऐलिलिक हैलाइड: ये वे यौगिक हैं जिनमें हैलोजन परमाणु कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध के निकटवर्ती $sp^3$ संकरित कार्बन परमाणु (अर्थात ऐलिलिक कार्बन) से बंधा होता है।
$(c)$ बेन्जिलिक हैलाइड: ये वे यौगिक हैं जिनमें हैलोजन परमाणु एक ऐरोमैटिक वलय से जुड़े $sp^3$ संकरित कार्बन परमाणु से बंधा होता है।