सहसंयोजक त्रिज्या और आयनिक त्रिज्या को उदाहरण सहित समझाइए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) सहसंयोजक त्रिज्या: एक अणु में एकल सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़े दो समान परमाणुओं के नाभिकों के बीच की दूरी के आधे भाग को सहसंयोजक त्रिज्या कहा जाता है।
उदाहरण: $Cl_{2}$ अणु में $Cl-Cl$ बंध लंबाई $198 \ pm$ है। इसलिए, क्लोरीन की सहसंयोजक त्रिज्या $\frac{198}{2} = 99 \ pm$ है।
आयनिक त्रिज्या: आयन के नाभिक के केंद्र से उसके इलेक्ट्रॉन बादल तक की प्रभावी दूरी को आयनिक त्रिज्या कहा जाता है।
उदाहरण: $NaCl$ जैसे आयनिक क्रिस्टल में, $Na^{+}$ और $Cl^{-}$ आयनों के नाभिकों के बीच की दूरी $276 \ pm$ है। यदि $Cl^{-}$ की आयनिक त्रिज्या $181 \ pm$ है, तो $Na^{+}$ की आयनिक त्रिज्या $276 - 181 = 95 \ pm$ होगी।

Explore More

Similar Questions

$Li$,$F$,$Na$,और $Si$ की परमाणु त्रिज्या का क्रम है:

निम्नलिखित में से किस आयन की त्रिज्या सबसे छोटी है?

निम्नलिखित तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या के बढ़ने का सही क्रम पहचानिए: $(I) \ Ti, (II) \ Ca, (III) \ Sc$.

निम्नलिखित में से कौन सा आयनिक त्रिज्या का सही क्रम दर्शाता है?

निम्नलिखित में से किस स्पीशीज का आकार सबसे बड़ा और सबसे छोटा होगा?
$Mg$,$Mg^{2+}$,$Al$,$Al^{3+}$

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo