परमाणु कक्षकों के अतिव्यापन (overlapping) के प्रकारों को आरेख सहित समझाइए।

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(N/A) परमाणु कक्षकों का अतिव्यापन तरंग फलन के चिह्न ($+$ या $-$) और कक्षकों के अभिविन्यास के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है:
$1$. धनात्मक अतिव्यापन (आबंधी): यह तब होता है जब समान चिह्न वाले कक्षक ($+$ के साथ $+$ या $-$ के साथ $-$) अतिव्यापित होते हैं। इससे ऊर्जा कम हो जाती है और आबंध का निर्माण होता है।
$2$. ऋणात्मक अतिव्यापन (प्रतिआबंधी): यह तब होता है जब विपरीत चिह्न वाले कक्षक ($+$ के साथ $-$) अतिव्यापित होते हैं। इससे ऊर्जा बढ़ जाती है और आबंध नहीं बनता है।
$3$. शून्य अतिव्यापन: यह तब होता है जब कक्षकों का अभिविन्यास ऐसा हो कि कोई प्रभावी अतिव्यापन न हो (उदाहरण के लिए,$p_x$ और $s$ या $p_x$ और $p_y$ कुछ अभिविन्यासों में)। कुल अतिव्यापन शून्य होता है।

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