दो अलग-अलग आवृत्तियों का प्रकाश,जिनके फोटॉन की ऊर्जा क्रमशः $1 \text{ eV}$ और $2.5 \text{ eV}$ है,$0.5 \text{ eV}$ कार्यफलन (work function) वाली धातु पर क्रमिक रूप से आपतित होता है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात क्या होगा?

  • A
    $1 : 5$
  • B
    $1 : 4$
  • C
    $1 : 2$
  • D
    $1 : 1$

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$0.5 \ eV$ कार्य फलन वाली धातु की सतह पर $1 \ eV$ और $2.5 \ eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन आपतित होते हैं,तो उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात क्या होगा?

दो समान फोटोकैथोड $v_1$ और $v_2$ आवृत्ति का प्रकाश प्राप्त करते हैं। यदि बाहर निकलने वाले फोटोइलेक्ट्रॉन (द्रव्यमान $m$) के वेग क्रमशः $v_1$ और $v_2$ हैं,तो:

Difficult
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प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) के मामले में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

$W_{0}$ कार्य फलन वाली एक धातु की सतह पर जब '$E$' ऊर्जा के फोटॉन आपतित होते हैं,तो यह फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करती है। इलेक्ट्रॉन एक समान चुंबकीय क्षेत्र '$B$' में लंबवत दिशा में प्रवेश करता है और '$r$' त्रिज्या के वृत्ताकार पथ में गति करता है। तब '$r$' का मान क्या होगा? (जहाँ '$m$' और '$e$' क्रमशः इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान और आवेश हैं)।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव का वर्णन करने वाले चित्र से हम सही रूप से क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

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