$4000 Å$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक सोडियम सतह पर आपतित होता है,जिसके लिए फोटोइलेक्ट्रॉन की देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) $5420 Å$ है। सोडियम का कार्य फलन (work function) है ($eV$ में)

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एक बिंदु स्रोत द्वारा एक छोटी धातु की प्लेट पर प्रकाश-विद्युत प्रभाव उत्पन्न होता है। निम्नलिखित में से कौन सा वक्र स्रोत और धातु के बीच की दूरी के फलन के रूप में संतृप्त प्रकाश-विद्युत धारा को दर्शाता है?

प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

कथन : धातु की सतह पर आपतित एकवर्णी प्रकाश पुंज द्वारा उत्पन्न फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा में प्रसार (spread) होता है।
कारण : धातु का कार्य फलन (work function) सतह से गहराई के फलन के रूप में बदलता है।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) के संदर्भ में संतृप्ति धारा (saturation current),निरोधी विभव (stopping potential) और देहली आवृत्ति (cut-off frequency) को परिभाषित कीजिए।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव के संबंध में हॉलवाच और लेनार्ड के अवलोकनों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

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