वायवीय श्वसन के लिए ऑक्सीजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। $ETS$ के संदर्भ में इसकी भूमिका स्पष्ट कीजिए।

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(N/A) वायवीय श्वसन में $O_{2}$ का महत्व निम्नलिखित है:
$1$. वायवीय श्वसन की शुरुआत कोशिका द्रव्य में ग्लूकोज के ग्लाइकोलाइसिस से होती है।
$2$. इसके बाद क्रेब्स चक्र होता है और अंत में माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली में इलेक्ट्रॉन परिवहन प्रणाली $(ETS)$ संपन्न होती है।
$3$. $ETS$ में $O_{2}$ अंतिम इलेक्ट्रॉन ग्राही के रूप में कार्य करता है।
$4$. यह इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉन को स्वीकार करके जल $(H_{2}O)$ का निर्माण करता है।
$5$. यदि $O_{2}$ अनुपस्थित हो,तो इलेक्ट्रॉन,इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला से नहीं गुजर सकते,जिससे माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली के पार प्रोटॉन प्रवणता (proton gradient) नहीं बन पाती है।
$6$. परिणामस्वरूप,प्रोटॉन पंप रुक जाता है और ऑक्सीडेटिव फास्फोराइलेशन के माध्यम से $ATP$ का संश्लेषण नहीं हो पाता है। अतः,वायवीय श्वसन की पूर्णता के लिए $O_{2}$ आवश्यक है।

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