जब $3f$ आवृत्ति का प्रकाश $2hf$ कार्य फलन (work function) वाली एक प्रकाश-संवेदी सामग्री पर आपतित होता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन अधिकतम $v$ वेग के साथ उत्सर्जित होते हैं। यदि आपतित प्रकाश की आवृत्ति $4.25f$ है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन का अधिकतम वेग क्या होगा? ($h$ = प्लांक नियतांक).

  • A
    $0.5v$
  • B
    $v$
  • C
    $1.5v$
  • D
    $2v$

Explore More

Similar Questions

नीचे दिए गए ग्राफ में,यदि ढाल (slope) $4.12 \times 10^{-15} \ V-sec$ है,तो '$h$' का मान क्या होना चाहिए?

$300 \ nm$ तरंगदैर्ध्य और $1.0 \ W/m^2$ तीव्रता वाला पराबैंगनी प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ की सतह पर आपतित होता है। यदि आपतित फोटॉनों में से $1\%$ फोटॉन फोटो-इलेक्ट्रॉन उत्पन्न करते हैं,तो सतह के $1.0 \ cm^2$ क्षेत्रफल से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की संख्या ज्ञात कीजिए।

$1.8 \ eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन युक्त प्रकाश किरणें $1.2 \ eV$ कार्य फलन वाली धातु की सतह पर गिर रही हैं। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों को रोकने के लिए आवश्यक निरोधी विभव (stopping potential) $eV$ में क्या है?

सीज़ियम की देहली आवृत्ति (threshold frequency) $5.16 \times 10^{14} \ Hz$ है। तो इसका कार्य फलन (work function) . . . . . . $eV$ है।

जब $4.0 \; eV$ ऊर्जा का एक फोटॉन धातु $A$ की सतह से टकराता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $T_{A} \; eV$ और डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $\lambda_{A}$ है। $4.50 \; eV$ ऊर्जा के फोटॉन द्वारा दूसरी धातु $B$ से मुक्त फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $T_{B} = (T_{A} - 1.5) \; eV$ है। यदि इन फोटोइलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य $\lambda_{B} = 2 \lambda_{A}$ है,तो धातु $B$ का कार्य फलन ............. $eV$ है।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo