निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य या असत्य बताइए:
$(i)$ स्थिरता को अनुनाद प्रभाव और अतिसंयुग्मन (hyperconjugation) द्वारा समझाया जाता है।
$(ii)$ अनुनाद और अतिसंयुग्मन में अनुनाद संरचनाएं खींची जाती हैं।
$(iii)$ अतिसंयुग्मन एक आबंधहीन अनुनाद (bondless resonance) है।
$(iv)$ अनुनाद संरचना में,केवल $\pi$ आबंध के इलेक्ट्रॉन युग्म की गति होती है।

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(A) $(i)$ सत्य: अनुनाद और अतिसंयुग्मन दोनों कार्बनिक अणुओं की स्थिरता को समझाने के लिए उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव हैं।
$(ii)$ असत्य: अनुनाद संरचनाएं अनुनाद के लिए खींची जाती हैं,लेकिन अतिसंयुग्मन में $\sigma$ आबंधों की निकटवर्ती $\pi$ प्रणालियों या रिक्त कक्षकों के साथ परस्पर क्रिया शामिल होती है,न कि मानक अनुनाद संरचनाएं।
$(iii)$ सत्य: अतिसंयुग्मन को अक्सर 'आबंधहीन अनुनाद' कहा जाता है क्योंकि इसमें औपचारिक आबंध के बिना $\sigma$ इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण शामिल होता है।
$(iv)$ असत्य: अनुनाद में $\pi$ इलेक्ट्रॉनों और एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्मों की गति शामिल होती है,न कि केवल $\pi$ आबंधों की।

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