एक फोटोसेल के कैथोड को इस प्रकार बदला जाता है कि कार्य फलन (work function) $w_1$ से बदलकर $w_2$ $(w_2 > w_1)$ हो जाता है। यदि परिवर्तन से पहले और बाद में संतृप्त धारा (saturation current) क्रमशः $I_1$ और $I_2$ है,और अन्य सभी स्थितियाँ (जैसे आपतित प्रकाश की तीव्रता और आवृत्ति) अपरिवर्तित रहती हैं,तो ($h\nu > w_2$ मानते हुए):

  • A
    $I_1 = I_2$
  • B
    $I_1 < I_2$
  • C
    $I_1 > I_2$
  • D
    $I_1 < I_2 < 2I_1$

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दिए गए कथनों के लिए सही विकल्प चुनें:
कथन-$I$: प्रकाश-संवेदी सतह से उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा आपतित विकिरण की तीव्रता पर निर्भर करती है।
कथन-$II$: प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन प्रक्रिया में,आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने से प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है।

हर्ट्ज़ के अवलोकन को संक्षेप में समझाइए।

फोटोसेल एक ऐसा उपकरण है जो:

एनोड विभव के साथ प्रकाश-विद्युत धारा में परिवर्तन नीचे दर्शाया गया है। सही विकल्प चुनें ($V_0$ = निरोधी विभव)।

"आपतित प्रकाश की आवृत्ति में वृद्धि के साथ, उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है" - सत्य या असत्य?

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