अवतल दर्पण की वृत्ताकार सीमा उसके वक्रता केंद्र पर $\theta$ अर्ध-कोण का शंकु बनाती है। $\theta$ का न्यूनतम मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए इस दर्पण पर मुख्य अक्ष के समांतर आपतित किरण एक से अधिक बार परावर्तित होती है......$^o$

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$\text{f}$ फोकस दूरी वाला एक अवतल दर्पण वस्तु के आकार का $n$ गुना प्रतिबिंब बनाता है। यदि प्रतिबिंब वास्तविक है, तो दर्पण से वस्तु की दूरी ....... है।

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$36 \ cm$ वक्रता त्रिज्या वाले अवतल दर्पण से वस्तु के आकार का तीन गुना आभासी प्रतिबिंब प्राप्त होता है। दर्पण से वस्तु की दूरी ........ $cm$ है।

$R$ वक्रता त्रिज्या वाले एक अवतल दर्पण का वृत्ताकार द्वारक $r$ त्रिज्या का है। मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन के बाद जहाँ केंद्रित होती हैं,वहाँ मुख्य अक्ष के लंबवत एक वृत्ताकार डिस्क रखी जाती है। यदि $r \ll R$ हो,तो इस डिस्क का क्षेत्रफल कम से कम कितना होना चाहिए?

एक उत्तल दर्पण की फोकस दूरी $20\, cm$ है। इसकी वक्रता त्रिज्या .....$cm$ होगी।

परावर्तक दूरदर्शी (reflecting telescope) में परवलयाकार (parabolic) दर्पण का उपयोग करने का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

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