एक दुर्बल मोनोबेसिक अम्ल का वियोजन स्थिरांक $3.2 \times 10^{-4}$ है। इसके $0.04 \ M$ विलयन में वियोजन की मात्रा (degree of dissociation) की गणना कीजिए।

  • A
    $0.0128$
  • B
    $0.0151$
  • C
    $0.078$
  • D
    $0.089$

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साइनिक अम्ल $(HCNO)$ के $0.1 \, M$ विलयन का $pH$ $2.34$ है। अम्ल के आयनन स्थिरांक और विलयन में इसके आयनन की मात्रा की गणना कीजिए।

एक दुर्बल मोनोबेसिक अम्ल अपने $0.04 \ M$ विलयन में $3.0 \%$ वियोजित होता है। अम्ल का वियोजन स्थिरांक क्या है?

$CH_3COOH$ का आयनन स्थिरांक $1.7 \times 10^{-5}$ है और $H^{+}$ आयनों की सांद्रता $3.4 \times 10^{-4} \ M$ है। तो $CH_3COOH$ अणुओं की प्रारंभिक सांद्रता ज्ञात कीजिए।

$298 \ K$ पर $0.001 \ M$ विलयन में एक दुर्बल मोनोएसिडिक क्षार $1.5 \%$ वियोजित होता है। इस दुर्बल क्षार के वियोजन स्थिरांक की गणना कीजिए।

$0.01 \ M$ दुर्बल अम्ल $HX$ $(K_{a}=4 \times 10^{-10})$ का $pH$ $5$ पाया गया है। अब अम्ल के विलयन को पानी के साथ तनु किया जाता है ताकि विलयन का $pH$ $6$ हो जाए। तनु दुर्बल अम्ल की नई सांद्रता $x \times 10^{-4} \ M$ दी गई है। $x$ का मान $...........$ (निकटतम पूर्णांक) है।

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