धातु की प्लेट पर गिरने वाले प्रकाश की तीव्रता $(I)$ और उत्पन्न फोटोइलेक्ट्रिक धारा $(i)$ के बीच का ग्राफ है:

  • A
    Option A
  • B
    Option B
  • C
    Option C
  • D
    Option D

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प्रकाशवैद्युत प्रभाव (photoelectric effect) के प्रयोग से, निम्नलिखित अवलोकन किए जाते हैं। पहचानें कि इनमें से कौन से सही हैं:
$A.$ निरोधी विभव (stopping potential) केवल धातु के कार्य फलन (work function) पर निर्भर करता है।
$B.$ आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ने पर संतृप्ति धारा (saturation current) बढ़ती है।
$C.$ फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है।
$D.$ प्रकाशवैद्युत प्रभाव को प्रकाश के तरंग सिद्धांत का उपयोग करके समझाया जा सकता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

कथन: धातु की सतह पर आपतित एकवर्णी प्रकाश पुंज द्वारा उत्पन्न फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा में फैलाव (spread) होता है।
कारण: धातु का कार्य फलन (work function) उसका अभिलाक्षणिक गुण है।

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) की घटना क्या है?

निम्नलिखित आरेख में निरोधी विभव (stopping potential) का मान ......... $V$ है।

एक बिंदु स्रोत द्वारा एक छोटी धातु की प्लेट पर प्रकाश-विद्युत प्रभाव उत्पन्न होता है। निम्नलिखित में से कौन सा वक्र स्रोत और धातु के बीच की दूरी के फलन के रूप में संतृप्त प्रकाश-विद्युत धारा को दर्शाता है?

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