दोनों सिरों पर बंधी एक डोरी का कंपन $Y = 2 \sin(\pi x) \sin(100\pi t)$ द्वारा वर्णित है,जहाँ $Y$ $mm$ में,$x$ $cm$ में और $t$ $sec$ में है। तब:

  • A
    $x = 1/6 \, cm$ पर कण का अधिकतम विस्थापन $1 \, mm$ होगा।
  • B
    $x = 1/6 \, cm$ पर और $t = 1/600 \, sec$ समय पर कण का वेग $157 \sqrt{3} \, mm/s$ होगा।
  • C
    यदि डोरी की लंबाई $10 \, cm$ है,तो इसमें लूप की संख्या $5$ होगी।
  • D
    $(A)$ और $(B)$ दोनों।

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धनात्मक $x$-दिशा में यात्रा कर रही एक प्रगामी तरंग $y = a \sin(kx - \omega t)$ द्वारा दी गई है। यह $x = 0$ पर एक स्थिर सिरे से टकराती है। परावर्तित तरंग को किसके द्वारा दिया जा सकता है?

वायु स्तंभ में अप्रगामी तरंगें (stationary waves) उत्पन्न होती हैं। हवा में ध्वनि का वेग $330 \ m/s$ है और आवृत्ति $165 \ Hz$ है। तो निस्पंद बिंदुओं (nodes) के बीच की दूरी ... $m$ है।

एक अप्रगामी तरंग (stationary wave) के लिए,$Y = 10 \sin \left( \frac{\pi x}{15} \right) \cos (48 \pi t) \text{ cm}$ है,तो एक निस्पंद (node) और उसके अगले प्रस्पंद (antinode) के बीच की दूरी क्या है ($\text{ cm}$ में)?

समान तरंगदैर्ध्य और आयाम वाली दो ज्यावक्रीय (sinusoidal) तरंगें एक डोरी पर $10 \, ms^{-1}$ की गति से विपरीत दिशाओं में यात्रा करती हैं। यदि डोरी के समतल होने के दो क्षणों के बीच का न्यूनतम समय अंतराल $0.5 \, s$ है,तो तरंगों की तरंगदैर्ध्य .... $m$ है।

वायु स्तंभ में अप्रगामी तरंगें (standing waves) प्राप्त की जा सकती हैं,भले ही व्यतिकरण करने वाली तरंगें

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