चित्र में दर्शाए अनुसार दो कुंडलियाँ $A$ और $B$ हैं। यदि $A$ स्थिर है तो $B$ में कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। अब कुंडली $A$ को एक ऊर्ध्वाधर अक्ष के परितः घुमाया जाता है। दर्शाए गए क्षण $(t = 0)$ पर,यदि कुंडली $B$ में प्रेरित धारा वामावर्त (counterclockwise) है,तो कुंडली $A$ में धारा की दिशा क्या होगी?

  • A
    धारा दक्षिणावर्त (clockwise) है।
  • B
    धारा वामावर्त (counterclockwise) है।
  • C
    $A$ में कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
  • D
    $A$ में धारा की दिशा $A$ और $B$ के बीच की दूरी पर निर्भर करती है।

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$(I) \ N_2 + 2O_2 \rightleftharpoons 2NO_2$
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