$LCAO$ क्या है? समझाइए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) $LCAO$ का अर्थ $Linear \ Combination \ of \ Atomic \ Orbitals$ (परमाणु कक्षकों का रैखिक संयोजन) है।
परमाणु कक्षक और $\psi$: तरंग यांत्रिकी के अनुसार,परमाणु कक्षकों को तरंग फलनों $(\psi)$ द्वारा व्यक्त किया जाता है,जो इलेक्ट्रॉन तरंगों के आयाम का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें $Schrodinger$ तरंग समीकरण के समाधान से प्राप्त किया जाता है।
आणविक कक्षक और $LCAO$: $Schrodinger$ तरंग समीकरण को एक से अधिक इलेक्ट्रॉन वाली किसी भी प्रणाली के लिए सटीक रूप से हल नहीं किया जा सकता है। चूंकि आणविक कक्षक अणुओं के लिए एक-इलेक्ट्रॉन तरंग फलन होते हैं,इसलिए उन्हें सीधे $Schrodinger$ समीकरण के समाधान से प्राप्त करना कठिन होता है।
इस समस्या को दूर करने के लिए,$LCAO$ नामक एक अनुमानित विधि अपनाई गई है। यह मानता है कि आणविक कक्षकों का निर्माण बंधन में शामिल परमाणुओं के परमाणु कक्षकों के रैखिक संयोजन (योग या घटाव) द्वारा किया जा सकता है।

Explore More

Similar Questions

अणु निम्नलिखित में से क्या रखते हैं जिससे वे अनुचुंबकीय (paramagnetic) गुण प्रदर्शित करते हैं?

समान बंध क्रम (bond order) वाले अणुओं / आयनों का युग्म है

निम्नलिखित में से किस आयनीकरण प्रक्रिया में बंध ऊर्जा बढ़ती है और चुंबकीय व्यवहार अनुचुंबकीय (paramagnetic) से प्रतिचुंबकीय (diamagnetic) में बदल जाता है?

$N_2$ और $N_2^+$ की आबंध वियोजन ऊर्जा के बीच सही संबंध क्या है?

Difficult
View Solution

$F_2$ अणु के लिए आणविक कक्षकों की ऊर्जा का सही बढ़ता क्रम पहचानें।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo