एक दुर्बल क्षार (weak base) के वियोजन की मात्रा (degree of dissociation) और उसकी सांद्रता के बीच क्या संबंध है?

  • A
    दुर्बल क्षार के वियोजन की मात्रा उसकी सांद्रता के वर्गमूल के सीधे समानुपाती होती है।
  • B
    दुर्बल क्षार के वियोजन की मात्रा उसकी सांद्रता के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
  • C
    दुर्बल क्षार के वियोजन की मात्रा सांद्रता पर निर्भर नहीं करती है।
  • D
    दुर्बल क्षार के वियोजन की मात्रा उसकी सांद्रता के सीधे समानुपाती होती है।

Explore More

Similar Questions

यदि स्थिर तापमान पर एक दुर्बल अम्ल के $1.0 \, M$ विलयन को तनु करके $0.01 \, M$ कर दिया जाए,तो निम्नलिखित में से क्या होगा?

प्रबल और दुर्बल दोनों प्रकार के विद्युत अपघट्यों के लिए अनंत तनुता पर प्रतिशत आयनन ...........$\%$ होगा।

ओस्टवाल्ड का तनुता नियम लिखिए।

एक दुर्बल विद्युत अपघट्य के लिए वियोजन की मात्रा $\alpha$:

$0.05 \ M$ दुर्बल विद्युत अपघट्य के विलयन के प्रतिशत वियोजन की गणना करें,यदि इसकी मोलर चालकता और अनंत तनुता पर मोलर चालकता क्रमशः $3.3 \ \Omega^{-1} \ cm^2 \ mol^{-1}$ और $132 \ \Omega^{-1} \ cm^2 \ mol^{-1}$ है। ($\%$ में)

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo