बोर के मॉडल की सीमाएँ लिखिए।

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(N/A) $(i)$ यह हाइड्रोजन परमाणु स्पेक्ट्रम के सूक्ष्म विवरणों (डबलेट,अर्थात दो निकट स्थित रेखाएँ) को समझाने में विफल रहता है,जिन्हें परिष्कृत स्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीकों का उपयोग करके देखा जाता है।
यह मॉडल हाइड्रोजन के अलावा अन्य परमाणुओं (जैसे,हीलियम परमाणु या आयन जिनमें एक से अधिक इलेक्ट्रॉन होते हैं) के स्पेक्ट्रम को समझाने में भी असमर्थ है।
- ज़ीमैन प्रभाव: बोर का सिद्धांत चुंबकीय क्षेत्र की उपस्थिति में $H$ स्पेक्ट्रम को समझाने में असमर्थ था।
- स्टार्क प्रभाव: बोर का सिद्धांत विद्युत क्षेत्र की उपस्थिति में $H$ स्पेक्ट्रम को समझाने में असमर्थ था।
- बोर का सिद्धांत स्पेक्ट्रल रेखाओं के विभाजन को समझाने में असमर्थ था।
$(ii)$ यह रासायनिक बंधों द्वारा अणुओं के निर्माण की परमाणुओं की क्षमता को समझाने में विफल रहा।

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