(N/A) जब मैक्सवेल ने विद्युतचुंबकीय तरंगों के अस्तित्व की भविष्यवाणी की थी,उस समय केवल दृश्य प्रकाश की तरंगों को ही विद्युतचुंबकीय तरंग माना जाता था। उस समय अवरक्त (infrared) और पराबैंगनी (ultraviolet) किरणों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
$19$वीं सदी के अंत में $X$-किरणों और गामा किरणों की खोज हुई।
वर्तमान में प्रकाश तरंगें,$X$-किरणें,गामा किरणें,रेडियो तरंगें,सूक्ष्म तरंगें (microwaves),पराबैंगनी तरंगें और अवरक्त तरंगें विद्युतचुंबकीय तरंगों का हिस्सा हैं।
जब विद्युतचुंबकीय तरंगों का वर्गीकरण आवृत्ति (तरंगदैर्ध्य) के आधार पर किया जाता है,तो इसे विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम कहा जाता है। इस स्पेक्ट्रम में विद्युतचुंबकीय तरंगों की तरंगदैर्ध्य के मान निरंतर रूप से फैले होते हैं। विभिन्न प्रकार की तरंगों को अलग करने वाली कोई स्पष्ट सीमा नहीं होती है।
यह वर्गीकरण इस तथ्य पर आधारित है कि ये तरंगें कैसे उत्पन्न होती हैं या इन्हें कैसे पहचाना जा सकता है।