$p-$डाइक्लोरोबेंजीन का $m.p.$ (गलनांक) $o-$ और $m-$ आइसोमर्स की तुलना में अधिक होता है। चर्चा कीजिए।

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(N/A) $p-$डाइक्लोरोबेंजीन,$o-$ और $m-$ आइसोमर्स की तुलना में अधिक सममित (symmetrical) होता है।
इस सममिति के कारण,यह क्रिस्टल जालक (crystal lattice) में $o-$ और $m-$ आइसोमर्स की तुलना में अधिक निकटता से फिट हो जाता है।
इसलिए,$p-$डाइक्लोरोबेंजीन के क्रिस्टल जालक को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
परिणामस्वरूप,$p-$डाइक्लोरोबेंजीन का गलनांक $o-$ और $m-$ आइसोमर्स की तुलना में अधिक और घुलनशीलता कम होती है।

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