$1.2 \, mL$ एसिटिक एसिड को पानी में घोलकर $2.0 \, L$ विलयन बनाया जाता है। इस सांद्रता के लिए हिमांक में अवनमन $0.0198^{\circ} C$ प्रेक्षित होता है। एसिड के वियोजन की प्रतिशत मात्रा $....$ है। (निकटतम पूर्णांक)
[दिया है : एसिटिक एसिड का घनत्व $1.02 \, g \, mL^{-1}$
एसिटिक एसिड का मोलर द्रव्यमान $60 \, g \, mol^{-1}$
$K_{f}(H_{2}O) = 1.85 \, K \, kg \, mol^{-1}$]

  • A
    $50$
  • B
    $5$
  • C
    $45$
  • D
    $24$

Explore More

Similar Questions

जब $1.5 \ g$ फिनोल $(C_6H_5OH)$ को $100 \ g$ टोल्यूनि में घोला जाता है,तो हिमांक में $0.56 \ K$ की कमी देखी जाती है। यदि इसका संयोजन द्वितयी (dimeric) प्रकृति का है,तो संयोजन की प्रतिशतता ज्ञात कीजिए। दिया गया है: $K_f = 4 \ K \ kg \ mol^{-1}$.

एक विलायक में वियोजन (dissociation) और दूसरे विलायक में संयोजन (association) करने वाले यौगिक के लिए वांट हॉफ कारक $i$ क्रमशः क्या है?

बेंजोइक एसिड $(C_6H_5COOH)$ के अणु बेंजीन में द्विलकीकरण (dimerise) करते हैं। $30 \ g$ बेंजीन में घुले '$w$' $g$ एसिड के हिमांक में अवनमन $2 \ K$ के बराबर है। यदि विलयन में एसिड के द्विलक बनाने की प्रतिशत संगुणन (association) $80$ है,तो $w$ का मान : ............. $g$ है।
(दिया गया है कि $K_f = 5 \ K \ kg \ mol^{-1},$ बेंजोइक एसिड का मोलर द्रव्यमान $= 122 \ g \ mol^{-1}$ )

एक यौगिक जो एक विलायक में वियोजन (dissociation) और दूसरे विलायक में संयोजन (association) प्रदर्शित करता है,उसके लिए वॉट हॉफ गुणांक $i$ क्रमशः क्या होगा?

$500 \ g$ जल में $20 \ g$ द्वि-अंगी विद्युत अपघट्य (मोलर द्रव्यमान = $100 \ g \ mol^{-1}$) घोला जाता है। विलयन का हिमांक $-0.74 \ ^oC$ है। यदि $K_f = 1.86 \ K \ kg \ mol^{-1}$ है,तो विद्युत अपघट्य की वियोजन की मात्रा ......... $\%$ है।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo