$\text{कथन}-1$: यदि $X$-ray ट्यूब में त्वरक विभव (accelerating potential) को बढ़ाया जाता है, तो अभिलक्षणिक (characteristic) $X$-rays की तरंगदैर्ध्य नहीं बदलती है। क्योंकि
$\text{कथन}-2$: जब एक इलेक्ट्रॉन बीम $X$-ray ट्यूब में लक्ष्य (target) से टकराती है, तो गतिज ऊर्जा का कुछ हिस्सा $X$-ray ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है।

  • A
    $\text{कथन}-1$ सत्य है, $\text{कथन}-2$ सत्य है; $\text{कथन}-2$, $\text{कथन}-1$ की सही व्याख्या है।
  • B
    $\text{कथन}-1$ सत्य है, $\text{कथन}-2$ सत्य है; $\text{कथन}-2$, $\text{कथन}-1$ की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    $\text{कथन}-1$ सत्य है, $\text{कथन}-2$ असत्य है।
  • D
    $\text{कथन}-1$ असत्य है, $\text{कथन}-2$ सत्य है।

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$\lambda$ दे-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य वाला एक इलेक्ट्रॉन $X$-रे ट्यूब में एक लक्ष्य पर आपतित होता है। उत्सर्जित $X$-रे की कट-ऑफ तरंगदैर्ध्य क्या है?

$X$-किरणें उत्पन्न करने के लिए,$V$ विभवांतर द्वारा त्वरित इलेक्ट्रॉनों की एक किरण को धातु के लक्ष्य पर टकराया जाता है। $V$ के किस मान के लिए $X$-किरणों की न्यूनतम तरंगदैर्घ्य $0.3094 \ \mathring{A}$ होगी? ($kV$ में)

जब कैथोड किरणें बहुत उच्च वेग के साथ उच्च गलनांक वाली धातु के लक्ष्य (target) से टकराती हैं,तो

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$V$ वोल्ट के विभवांतर द्वारा त्वरित इलेक्ट्रॉन द्वारा उत्पन्न $X$-किरणों की न्यूनतम तरंगदैर्ध्य किसके समानुपाती होती है?

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