$N$ फेरों वाली एक लंबी परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व $L$ और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A$ है। जब परिनालिका से $i$ धारा प्रवाहित होती है,तो इसके अंदर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण $B$ होता है। धारा $i$ का मान है:

  • A
    $BAN/L$
  • B
    $BANL$
  • C
    $BN/AL$
  • D
    $B/ANL$

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एक कुंडली (coil) का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) $50 mH$ है। जब कुंडली से गुजरने वाली $1 A$ की धारा $0.1 s$ में एक समान दर से घटकर शून्य हो जाती है,तो स्व-प्रेरित emf ज्ञात कीजिए। ($V$ में)

$400$ फेरों वाली एक कुण्डली का प्रेरकत्व $8 \, mH$ है। इसमें से $5 \, mA$ की धारा प्रवाहित की जाती है। कुण्डली के प्रत्येक फेरे से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स है

जब एक कुंडली से $2 \ mA$ की धारा प्रवाहित होती है,तो उससे $10 \ \mu Wb$ का चुंबकीय फ्लक्स जुड़ा होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) क्या है ($mH$ में)?

एक बहुत लंबे परिनालिका (solenoid) के स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) के लिए सूत्र लिखिए।

$30 \ mH$ प्रेरकत्व वाली एक कुंडली में प्रेरित emf का परिमाण क्या होगा,जिसमें धारा $2 \ s$ में $6 \ A$ से बदलकर $2 \ A$ हो जाती है ($V$ में)?

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