$I$ जड़त्व आघूर्ण वाला एक फ्लाईव्हील $n$ चक्कर प्रति सेकंड की गति से घूम रहा है। आवृत्ति को दोगुना करने के लिए आवश्यक कार्य होगा

  • A
    $2{\pi ^2}I{n^2}$
  • B
    $4{\pi ^2}I{n^2}$
  • C
    $6{\pi ^2}I{n^2}$
  • D
    $8{\pi ^2}I{n^2}$

Explore More

Similar Questions

तीन वस्तुएं $A$ (एक ठोस गोला),$B$ (एक पतली वृत्ताकार डिस्क),और $C$ (एक वृत्ताकार वलय),प्रत्येक का द्रव्यमान $M$ और त्रिज्या $R$ समान है। वे सभी अपनी सममिति अक्षों के परितः समान कोणीय चाल $\omega$ से घूम रही हैं। उन्हें विराम अवस्था में लाने के लिए आवश्यक कार्य $(W)$ किस संबंध को संतुष्ट करेगा?

एक पिंड का किसी अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $(M.I.)$ $1.2 \ kg \cdot m^2$ है और प्रारंभ में पिंड विरामावस्था में है। $1500 \ J$ की घूर्णन गतिज ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए,उस अक्ष के परितः $25 \ rad/s^2$ का कोणीय त्वरण कितने समय $(....... \ s)$ के लिए लगाया जाना चाहिए?

Difficult
View Solution

$R$ मीटर त्रिज्या और $M$ किलोग्राम द्रव्यमान वाली एक वृत्ताकार डिस्क डिस्क के लंबवत अक्ष के चारों ओर घूम रही है। डिस्क पर एक बाहरी टॉर्क इस प्रकार लगाया जाता है कि $\theta(t) = 5t^2 - 8t$,जहाँ $\theta(t)$ समय $t$ के फलन के रूप में घूमती हुई डिस्क की कोणीय स्थिति है। जब $t = 2$ सेकंड हो,तो लगाए गए टॉर्क द्वारा कितनी शक्ति (पावर) प्रदान की जाती है ($MR^2$ में)?

दृढ़ पिंड की गति में शक्ति (power) के लिए सूत्र लिखिए।

$m$ द्रव्यमान और $l$ लंबाई की एक पतली छड़ अपने एक सिरे से गुजरने वाली क्षैतिज अक्ष के परितः दोलन कर रही है। इसकी अधिकतम कोणीय चाल $\omega$ है। इसका द्रव्यमान केंद्र कितनी अधिकतम ऊँचाई तक ऊपर उठेगा?

Difficult
View Solution

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo