एक समान रूप से लिपटी हुई प्रेरक कुंडली (inductor coil) का स्व-प्रेरकत्व $L$ और प्रतिरोध $R$ है। कुंडली को दो समान भागों में तोड़ा जाता है। फिर इन दो भागों को नगण्य आंतरिक प्रतिरोध वाली $E$ वोल्ट की बैटरी के साथ समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है। स्थिर अवस्था (steady state) में बैटरी से प्रवाहित धारा है

  • A
    $\frac{2 E}{R}$
  • B
    $\frac{3 E}{R}$
  • C
    $\frac{4 E}{R}$
  • D
    $\frac{E}{R}$

Explore More

Similar Questions

एक लंबी परिनालिका (solenoid) में $1000$ फेरे हैं। जब इसमें $4\, A$ की धारा प्रवाहित होती है,तो परिनालिका के प्रत्येक फेरे से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स $4 \times 10^{-3}\, Wb$ है। परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) ......$H$ है।

चार इंडक्टर $A, B, C, D$ के लिए चुंबकीय फ्लक्स $(\Phi)$ बनाम धारा $(I)$ का एक ग्राफ दिखाया गया है। किस इंडक्टर के लिए स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) का मान सबसे कम है?

एक बहुत लंबे परिनालिका (solenoid) के स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) के लिए सूत्र लिखिए।

जब धारा $10 \, s$ में $0$ से $1 \, A$ तक बदलती है,तो उत्पन्न $e.m.f.$ ज्ञात कीजिए,जहाँ $L = 10 \, \mu H$ दिया गया है।

$L$ स्व-प्रेरकत्व वाली एक कुंडली को एक बल्ब और $a.c.$ स्रोत के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है। बल्ब की चमक कब कम हो जाती है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo