कथन $(A)$: प्रकाशिक रूप से सक्रिय $2-$ब्रोमोऑक्टेन का $S_N1$ जल-अपघटन $(\pm)-$ऑक्टेन$-2-$ऑल के निर्माण का परिणाम देता है।
कारण $(R)$: यह अभिक्रिया एक समतलीय कार्बधनायन (planar carbocation) के माध्यम से आगे बढ़ती है जिस पर नाभिकरागी (nucleophile) दोनों तरफ से आक्रमण कर सकता है।
सही उत्तर है

  • A
    $(A)$ और $(R)$ दोनों सही हैं,$(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या है
  • B
    $(A)$ और $(R)$ दोनों सही हैं लेकिन $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या नहीं है
  • C
    $(A)$ सही है लेकिन $(R)$ गलत है
  • D
    $(A)$ गलत है लेकिन $(R)$ सही है

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