मानक इलेक्ट्रोड विभव दिए गए हैं:
$A^{+}/A = -2.93 \ V$ $B^{+}/B = 0.80 \ V$
$C^{2+}/C = -2.37 \ V$ $D^{3+}/D = -0.74 \ V$
इन धातुओं की अपचायक क्षमता का बढ़ता क्रम है:

  • A
    $A < B < C < D$
  • B
    $B < D < C < A$
  • C
    $B < C < D < A$
  • D
    $C < B < A < D$

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लोहे पर जिंक की परत चढ़ाकर गैल्वेनाइज्ड लोहा बनाया जा सकता है,लेकिन इसका उल्टा संभव नहीं है। इसका कारण क्या है?

द्रव-ठोस इंटरफ़ेस वाली प्रणालियों पर विचार करें,$(A)$ सिल्वर नाइट्रेट के घोल में तांबे का तार और $(B)$ कॉपर सल्फेट के घोल में चांदी का तार। यदि $E_{Cu^{2+}/Cu}^{\circ} = 0.34 \ V$ और $E_{Ag^{+}/Ag}^{\circ} = 0.80 \ V$ है,तो अनुमान लगाएं कि कौन सा इंटरफ़ेस स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया दिखाएगा?

सेल अभिक्रिया $2Ce^{4+} + Co \to 2Ce^{3+} + Co^{2+}$ के लिए,$E_{cell}^o = 1.89 \, V$ और $E_{Co/Co^{2+}}^o = +0.28 \, V$ है। यदि $E_{Ce^{4+}/Ce^{3+}}^o = x$ है,तो $x$ का मान ............. $V$ है।

ये किसी तत्व के भौतिक गुण हैं:
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$(B)$ आयनन एन्थैल्पी
$(C)$ जलयोजन एन्थैल्पी
$(D)$ इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी
उपरोक्त गुणों में से रिडक्शन पोटेंशियल (अपचयन विभव) को प्रभावित करने वाले गुणों की कुल संख्या $......$ है।

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