जर्मेनियम को $N-$प्रकार का अर्धचालक बनाने के लिए इसमें मिलाया जाने वाला अशुद्धि परमाणु है

  • A
    आर्सेनिक
  • B
    इरिडियम
  • C
    एल्युमीनियम
  • D
    आयोडीन

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कथन-$I$: सिलिकॉन अर्धचालक को पंचसंयोजी (pentavalent) पदार्थ के साथ डोप करने पर,इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ जाता है।
कथन-$II$: $n$-प्रकार के अर्धचालक पर नेट ऋणात्मक आवेश होता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

कमरे के तापमान पर शुद्ध जर्मेनियम में इलेक्ट्रॉन-होल युग्म का घनत्व $3 \times 10^{16} \ m^{-3}$ है। एल्युमिनियम के साथ डोपिंग करने पर,होल घनत्व बढ़कर $4.5 \times 10^{22} \ m^{-3}$ हो जाता है। अब,डोप्ड जर्मेनियम में इलेक्ट्रॉन घनत्व ($m^{-3}$ में) क्या होगा?

$n$-प्रकार के अर्धचालक (semiconductor) में:

एक अर्धचालक (semiconductor) में इलेक्ट्रॉन और होल की सांद्रता समान $2 \times 10^8 \ m^{-3}$ है। एक निश्चित अशुद्धि मिलाने पर, इलेक्ट्रॉन की सांद्रता बढ़कर $4 \times 10^{10} \ m^{-3}$ हो जाती है, तो अर्धचालक की नई होल सांद्रता क्या होगी?

कथन: कमरे के तापमान पर $p-$प्रकार के सिलिकॉन अर्धचालक में इलेक्ट्रॉनों की संख्या शुद्ध सिलिकॉन अर्धचालक में इलेक्ट्रॉनों की संख्या से कम होती है।
कारण: यह द्रव्यमान क्रिया के नियम (law of mass action) के कारण है।

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