नाभिकीय अभिक्रिया $^2H + ^2H \to ^4He$ (ड्यूटेरॉन का द्रव्यमान $= 2.0141 \,amu$ और $He$ का द्रव्यमान $= 4.0024 \,amu$) है:

  • A
    $24 \,MeV$ ऊर्जा मुक्त करने वाली संलयन (फ्यूजन) अभिक्रिया
  • B
    $24 \,MeV$ ऊर्जा अवशोषित करने वाली संलयन (फ्यूजन) अभिक्रिया
  • C
    $0.0258 \,MeV$ ऊर्जा मुक्त करने वाली विखंडन (फिशन) अभिक्रिया
  • D
    $0.0258 \,MeV$ ऊर्जा अवशोषित करने वाली विखंडन (फिशन) अभिक्रिया

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निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
$(1)$ एक स्थिर नाभिक का विराम द्रव्यमान उसके घटक न्यूक्लियनों के विराम द्रव्यमानों के योग से कम होता है।
$(2)$ एक स्थिर नाभिक का विराम द्रव्यमान उसके घटक न्यूक्लियनों के विराम द्रव्यमानों के योग से अधिक होता है।
$(3)$ नाभिकीय संलयन में दो हल्के नाभिक जुड़कर एक भारी नाभिक बनाते हैं।
$(4)$ नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक के विभाजन से ऊर्जा मुक्त होती है।

$220$ द्रव्यमान संख्या वाला एक नाभिक प्रारंभ में स्थिर है और एक अल्फा कण उत्सर्जित करता है। यदि अभिक्रिया का $Q$ मान $5.5 \ MeV$ है,तो अल्फा कण की गतिज ऊर्जा की गणना करें। ($MeV$ में)

दो हल्के नाभिक नीचे दिए गए संबंध के अनुसार जुड़कर एक अपेक्षाकृत भारी नाभिक बनाते हैं:
${ }_{1}^{2} X +{ }_{1}^{2} X ={ }_{2}^{4} Y$
${ }_{1}^{2} X$ और ${ }_{2}^{4} Y$ की प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा क्रमशः $1.1 \, MeV$ और $7.6 \, MeV$ है। इस प्रक्रिया में मुक्त ऊर्जा $MeV$ में ज्ञात कीजिए।

ड्यूटेरियम और हीलियम नाभिक में प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा क्रमशः $1.1 \, MeV$ और $7.0 \, MeV$ है। जब दो ड्यूटेरियम नाभिक संलयित होकर एक हीलियम नाभिक बनाते हैं,तो संलयन में मुक्त ऊर्जा ........... $MeV$ है।

परमाणु बम का विस्फोट किसके कारण होता है?

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