एक धातु का कार्य फलन (work function) $2 \ \text{eV}$ है। यदि इस पर $3000 \ \text{Å}$ तरंगदैर्ध्य का विकिरण आपतित होता है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा क्या होगी? (प्लांक नियतांक $h=6.6 \times 10^{-34} \ \text{Js}$; प्रकाश का वेग $c=3 \times 10^8 \ \text{m/s}$; $1 \ \text{eV}=1.6 \times 10^{-19} \ \text{J}$)

  • A
    $4.4 \times 10^{-19} \ \text{J}$
  • B
    $5.6 \times 10^{-19} \ \text{J}$
  • C
    $3.4 \times 10^{-19} \ \text{J}$
  • D
    $2.5 \times 10^{-19} \ \text{J}$

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$Zn$ का कार्य फलन $4.25 \ eV$ है। तो देहली आवृत्ति विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के किस क्षेत्र में होती है?

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धातु की सतह से $\nu_1$ और $\nu_2$ आवृत्तियों के लिए फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। यदि उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा का अनुपात $1 : k$ है,तो धातु की सतह की देहली आवृत्ति (threshold frequency) क्या होगी?

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