बोर के परमाणु मॉडल का उपयोग करते हुए, हाइड्रोजन परमाणु की $n^{\text{वीं}}$ कक्षा में इलेक्ट्रॉन का कक्षीय आवर्तकाल क्या होगा? ($\epsilon_0$ = मुक्त आकाश की विद्युतशीलता, $h$ = प्लांक नियतांक, $m$ = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान, $e$ = इलेक्ट्रॉनिक आवेश)

  • A
    $\frac{4\epsilon_0^2n^3h^3}{me^4}$
  • B
    $\frac{2\epsilon_0^2n^3h^3}{me^2}$
  • C
    $\frac{4\epsilon_0^2n^2h^3}{me^2}$
  • D
    $\frac{2\epsilon_0n^3h^3}{me^4}$

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एक स्थिर हाइड्रोजन परमाणु $n=5$ से $n=4$ में संक्रमण करता है। परमाणु की प्रतिक्षेप चाल (recoil speed) क्या होगी? (जहाँ $R=$ रिडबर्ग नियतांक,$h=$ प्लांक नियतांक और $m=$ हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान)।

कथन : बोर को यह अभिधारणा (postulate) देनी पड़ी कि नाभिक के चारों ओर स्थिर कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन विकिरण उत्सर्जित नहीं करते हैं।
कारण : चिरसम्मत भौतिकी (classical physics) के अनुसार सभी गतिशील इलेक्ट्रॉन विकिरण उत्सर्जित करते हैं।

हाइड्रोजन परमाणु के बोहर मॉडल में,इलेक्ट्रॉन पर लगने वाला स्थिर-वैद्युत बल मुख्य क्वांटम संख्या $n$ पर किस प्रकार निर्भर करता है?

यदि $H$ परमाणु की प्रथम कक्षा की त्रिज्या $a_0$ है, तो तीसरी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य क्या होगी ($\pi a_0$ में)?

Difficult
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एक निश्चित परमाणु के ऊर्जा स्तर $A, B, C$ ऊर्जा के बढ़ते मानों के अनुरूप हैं,अर्थात $E_A < E_B < E_C$। यदि $\lambda_1, \lambda_2, \lambda_3$ क्रमशः $C$ से $B$,$B$ से $A$ और $C$ से $A$ संक्रमणों के अनुरूप विकिरणों की तरंगदैर्घ्य हैं,तो निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

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