जब एक प्रेरक (inductor) से प्रवाहित धारा $2 \,A$ से बदलकर $2 \,s$ के समय में $6 \,A$ हो जाती है, तो उसमें प्रेरित emf $3 \,V$ होता है। तब प्रेरक का प्रेरकत्व (inductance) है ($\,H$ में)

  • A
    $1.4$
  • B
    $0.8$
  • C
    $1.5$
  • D
    $0.6$

Explore More

Similar Questions

जब एक कुंडली में धारा को $0.5\,s$ में एक दिशा में $10\,A$ से विपरीत दिशा में $10\,A$ में बदल दिया जाता है,तो कुंडली में $1\,V$ का औसत प्रेरित $e.m.f.$ उत्पन्न होता है। कुंडली का स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) .....$mH$ है।

$N$ फेरों वाली एक लंबी परिनालिका का स्व-प्रेरकत्व $L$ और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A$ है। जब परिनालिका से $i$ धारा प्रवाहित होती है,तो इसके अंदर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण $B$ होता है। धारा $i$ का मान है:

चार इंडक्टर्स $P, Q, R, S$ के लिए चुंबकीय फ्लक्स $(\phi)$ बनाम धारा $(I)$ का ग्राफ दिखाया गया है। स्व-प्रेरकत्व (self-inductance) का सबसे बड़ा मान किस इंडक्टर के लिए है?

जब $100$ फेरों वाली एक कुंडली से $1 \,A$ की धारा प्रवाहित की जाती है, तो इससे संबद्ध फ्लक्स $2.5 \times 10^{-5} \,Wb/\text{turn}$ है। मिलीहेनरी में कुंडली का स्व-प्रेरकत्व क्या है?

$120$ फेरों और $40 \text{ mH}$ प्रेरकत्व वाली कुंडली से प्रवाहित होने वाली धारा $30 \text{ mA}$ है। कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स है:

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo