एक धातु का कार्य फलन (work function) $2.1 \text{ eV}$ है। निम्नलिखित में से कौन सी तरंगदैर्ध्य उसकी सतह से फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करने में सक्षम होगी?

  • A
    $4000 \text{ Å}, 7500 \text{ Å}$
  • B
    $5500 \text{ Å}, 6000 \text{ Å}$
  • C
    $4000 \text{ Å}, 6000 \text{ Å}$
  • D
    केवल $4000 \text{ Å}$

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दो समान फोटो-कैथोड $f_1$ और $f_2$ आवृत्ति का प्रकाश प्राप्त करते हैं। यदि बाहर निकलने वाले फोटो-इलेक्ट्रॉनों (द्रव्यमान $m$) के वेग क्रमशः $v_1$ और $v_2$ हैं,तो:

यदि $Na$ धातु का कार्य फलन $2.3 \ eV$ है,तो इसकी देहली तरंगदैर्ध्य $EM$ स्पेक्ट्रम के किस क्षेत्र में स्थित होगी?

एक प्रकाश-संवेदी धातु प्लेट पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति को दोगुना कर दिया जाता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा होगी:

$300 \ nm$ तरंगदैर्ध्य और $1.0 \ W/m^2$ तीव्रता वाला पराबैंगनी प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ की सतह पर गिरता है। यदि आपतित फोटॉनों का $1\%$ फोटोइलेक्ट्रॉन उत्पन्न करता है,तो सतह के $1.0 \ cm^2$ क्षेत्रफल से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग कितनी होगी?

आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार, उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा और आपतित विकिरण की आवृत्ति के बीच का ग्राफ कैसा होता है?

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