(N/A) विधि:
$(i)$ इस विधि में,नाइट्रोजन युक्त कार्बनिक यौगिक को जेल्डाल फ्लास्क में सांद्र सल्फ्यूरिक एसिड $(H_2SO_4)$ के साथ गर्म किया जाता है। यौगिक में उपस्थित नाइट्रोजन अमोनियम सल्फेट $((NH_4)_2SO_4)$ में परिवर्तित हो जाता है।
$(ii)$ जेल्डाल फ्लास्क में प्राप्त एसिड मिश्रण को फिर सोडियम हाइड्रोक्साइड $(NaOH)$ की अधिकता के साथ गर्म किया जाता है। मुक्त हुई अमोनिया $(NH_3)$ गैस को सल्फ्यूरिक एसिड $(H_2SO_4)$ के मानक विलयन की अधिकता में अवशोषित किया जाता है।
$(iii)$ उत्पन्न अमोनिया की मात्रा का निर्धारण अभिक्रिया में खपत हुए सल्फ्यूरिक एसिड की मात्रा का आकलन करके किया जाता है।
$(iv)$ यह अमोनिया के अवशोषण के बाद बचे हुए अनभिकृत सल्फ्यूरिक एसिड को मानक क्षार विलयन के साथ अनुमापन (titration) करके किया जाता है। शुरू में लिए गए एसिड की मात्रा और अभिक्रिया के बाद बचे हुए एसिड की मात्रा के बीच का अंतर अमोनिया के साथ अभिक्रिया करने वाले एसिड की मात्रा को दर्शाता है।