$50 \ Nm$ का एक टॉर्क एक वस्तु पर $8 \ s$ के लिए कार्य करता है,जो प्रारंभ में विरामावस्था में है। इसके कोणीय संवेग में परिवर्तन है:

  • A
    $400 \ kg \cdot m^2/s$
  • B
    $600 \ kg \cdot m^2/s$
  • C
    $1000 \ kg \cdot m^2/s$
  • D
    $800 \ kg \cdot m^2/s$

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कोणीय संवेग (Angular Momentum) को परिभाषित कीजिए।

द्रव्यमान $m$ अचर वेग $v$ से $X$-अक्ष के समान्तर एक रेखा में गति कर रहा है। मूलबिन्दु अथवा $Z$-अक्ष के सापेक्ष इसका कोणीय संवेग:

दो कण,प्रत्येक का द्रव्यमान $m$ और चाल $v$ है,$d$ दूरी पर स्थित समानांतर रेखाओं के अनुदिश विपरीत दिशाओं में यात्रा करते हैं। दर्शाइए कि दो-कण निकाय का कोणीय संवेग सदिश उस बिंदु से स्वतंत्र है जिसके परितः कोणीय संवेग लिया जाता है।

$m$ द्रव्यमान का एक बॉब जो $l$ लंबाई की एक अवितान्य डोरी से जुड़ा है,एक ऊर्ध्वाधर आधार से लटका हुआ है। बॉब ऊर्ध्वाधर अक्ष के परितः $\omega \text{ rad/s}$ की कोणीय गति के साथ एक क्षैतिज वृत्त में घूमता है। निलंबन बिंदु के परितः:

$m$ द्रव्यमान का एक कण $y = x + a$ रेखा के अनुदिश $v$ के नियत वेग से गति कर रहा है। मूल बिंदु के परितः कण का कोणीय संवेग क्या है?

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